फिजा को चमन के बहारों ने लूटा,
सागर को लहराते किनारों ने लूटा,
आप तो हमारी एक कसम से रूठ गए,
आपकी कसम देकर हमे हजारों ने लूटा...
नर हो ना निराश करो मन को ..
-
नर हो न निराश करो मन को
कुछ काम करो कुछ काम करो
जग में रहके निज नाम करो
यह जन्म हुआ किस अर्थ अहो
समझो जिसमें यह व्यर्थ न हो
कुछ तो उपयुक्त करो तन को
नर हो न ...
14 years ago
Wah! Wah! Wah!
ReplyDelete