चाँद से चेहरे पे जुल्फों का पहरा है,
आंखों का नशा समुन्दर से गहरा है,
नज़र ना लग जाए आज किसी की,
ख्वाब ही सही, कहने को तो मेरा है ...
नर हो ना निराश करो मन को ..
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नर हो न निराश करो मन को
कुछ काम करो कुछ काम करो
जग में रहके निज नाम करो
यह जन्म हुआ किस अर्थ अहो
समझो जिसमें यह व्यर्थ न हो
कुछ तो उपयुक्त करो तन को
नर हो न ...
14 years ago
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