जब से तुम मेरी जिंदगी में आए,
खुशियों की अनगिनत सौगात लाये,
ख्यालों में बस तुम आने लगे हो अब,
न जाने क्यों ऐसे सपने दिखलाये...
तेरे बिना कितनी अकेली थी मैं,
सुहाने सपनो की सहेली थी मैं,
तुम मिले तो जीना सीखा हमने,
एक अनसुलझी सी पहेली थी मैं...
तू जब मुझे देख के मुस्कुराता है,
आंखों से प्यार के तीर चलता है,
अजीब सी गुदगुदी होती है सीने में,
जब मेरी जुल्फों को छेड़ जाता है ...
तेरे एक स्पर्श से जिस्म पिघल जाती है,
न देखूं तुम्हे तो जान निकल जाती है,
तेरी एक आहट से मन में कुछ होता है,
तुझे सोच के तबीयत मचल जाती है...
तेरे साथ अब यूँ ही चलती जाऊं,
हर जनम तुझे ही अपना बनाऊ,
गम तेरे हिस्से के मेरे दामन में हो
तेरी एक ख़ुशी पे जिंदगी लुटाऊं...
नर हो ना निराश करो मन को ..
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नर हो न निराश करो मन को
कुछ काम करो कुछ काम करो
जग में रहके निज नाम करो
यह जन्म हुआ किस अर्थ अहो
समझो जिसमें यह व्यर्थ न हो
कुछ तो उपयुक्त करो तन को
नर हो न ...
14 years ago